पोस्ट्स

नोव्हेंबर, २०२५ पासूनच्या पोेस्ट दाखवत आहे
 वसंताची चाहुल मजला  नी शिशिरच सुरू जाहला....

सांग आता

 टेकले मी हात आता कोंडताहे श्वास आता  विस्मरावे की स्मरावे  तू स्मृतींना सांग आता...  

जिंदगी

या खुदा !! मेरी जिंदगी  और जमाने भर की खुशियां  उसकी झोली मे डाल दे , उसके हिस्से का  दर्द भी मुझको दे दे  के उसके नासूर भी  मिटते जाते देखें हैं मैने जब देखा है मैने  खिल खिलाती हंसी मे  उसके जहाँन को खुशगवार होते....