नफरत छोडो भारत जोडो
नफरत छोडो भारत जोडो इसी एक नारे मे सब कुछ आ जाता है फिर आप को अलग से नारा गढकर अपने कदम को अलगसा साबित करने की जरूरत क्यों पडती है ? भारत का संविधान सर्वोपरि है मगर आज वह भी बहोत ही मुश्किल दौर से गुजर रहा है उसे बचाना बेहद अहम काम है ऐसा करने में कौन सक्षम है भला आज ध्यान से देखो तो भारत की जनता ही यह काम कर सकती है | और उसकी जागृति के लिये सबसे पहले भारत को जोडना ही प्रथम कार्य होना चाहिए क्योंकि आज ती स्थिती लोगों के बँटने से ही पैदा हुई है अगर न बँटते लोग तो ये दुस्साहस क्या कोई कर पाता ? क्या लोगों को विभिन्न भेदों में बाँट पाता ? मगर अफसोस ऐसा ही हुआ है .. क्योंकि उनका दाँववसही पडता गया हम ही नासमझ बन उनकी मंशा को भाँप नही पाए | सोचिए किस तरह उस महात्माने हम सब को एक सूत्र में बाँधा होगा ? हममे तो सदियों से बिखरने की गुंजाईश रही है मगर बँधे रहने का भी हुनर हमे आता है जिसे बडे ही खूबी से भुलाना सिखा दिया और हम फँसते चले गए भेद के गर्त में .. और ब...