बात पते की बोलो
बात पते की बोलो बहोत हो चुकी इधर उधर की बात पते की खोलो मँहगाई पर बोलो ..या तो शिक्षा पर ही बोलो दाना पानी दूभर होता इंसानियत टटोलो मँहगाई पर बोलो ..या तो शिक्षा पर ही बोलो दरबदर हम ठोकर खाएँ देखो ठाठ उडानेवालों हक की बात ना टालो मँहगाई पर बोलो ..या तो शिक्षा पर ही बोलो कट रहा था हँस खेलकर जीवन अपना वैसे बंजर हँसी मे जहर ना घोलो मँहगाई पर बोलो ..या तो शिक्षा पर ही बोलो दाना पानी का था भरोसा शिक्षा नीति का उन्नत रस्ता बेइमान कोई तुमसे सीखे (कैसे )अपनी कौडी खेलो मँहगाई पर बोलो ..या तो शिक्षा पर ही बोलो ©अँब्रोस चेट्टियार