शहीद दिवस
शहीद दिवस
आपके
क़दमों से
पावन
इस धरतीपर
हम सभी
आज
हृदय से
नाज़ करते हैं
क़तरा क़तरा
लहू बहाया
माँ की खा़ातिर
आपने
हमसाया
प्रेरणा
प्रणाम करते हैं
कभी न सोचा
अपनी ख़ातिर
हरदम करते
देश की चिंता
माँ की रक्षा में जीवन
तमाम करते हैं
जन्मदातरी से कहते तुम
माँ रोना ना मेरी खातिर
सब माताओं को धीरज दो
सबकी आँख के आँसू पोंछो
घर घर से फिर वीर चल पडे
भारत माता की ख़ातिर
शेर वतन की रक्षा में क़ुर्बान होते हैं
स्वीकार हो सलाम
स्वीकार हो प्रणाम
...*अँब्रोस चेट्टियार*
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