सही !
सही के साथ कई बार गलत होता जाता है
जब हमेशा ही गलत होने लगता है तब
सही गलत को उसे सही करने का फिर मौका देता है
और कई बार देता है
फिर भी गलत अगर बाज नही आता है तब
सही के बचाव में गलत के साथ भी गलत हो जाता है
तब गलत अपने टसूएँ बहाकर सही को गलत साबित करने की कोशिश करता है
सही को गलत के इस पैंतरे बाजी से फिर
गलत का सामना करना पडता है फिर
इस चालके अंत मे
गलत एक सँकरी बंद गली के छोर पर
जाकर फँस जाता है मगर
फिर भी बाज न आकर सही पर गलत वार
करना जारी रखता है तब
सही को अपने साथ हो रहे गलत का विरोध करते हुए अपना बचाव करना पडता है
नतीजतन गलत के साथ गलत हो जाता है
गलत के ही गलती का वह नतीजा होता है
गलत के साथ भी गलत हो जाता है मगर
सही का यह गलत सही को आखिरकार
गलत के गलत वार से बचा लेता है और सही हो जाता है. मगर गलत का गलत हमेशा गलत ही बना रहता है
वह कभी सही बनने कोशिश ही नही करता ..
सही के राह पर गलत कभी नहीं चलता
जबकि सही को ही अपने गलत राह पर
आखिरकार चलने को बाध्य कर देता है
जो कि प्रसंगवश सही साबित हो जाता है....
© अँब्रोस चेट्टियार
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