बालभारती
बचपन की किताबें देखते ही सबकुछ यों ताजा हो जाता है कि बस अभी अभी सामने ही घटित हुआ हो |
बालभारती
आया बचपन साथ तुम्हारे
साथी संगी प्यारे प्यारे
खेलकूद जहाँ शालाप्राँगण
हर्षपुरित क्यारी मित्रांगण
शक्तिमान जगजेता बचपन
जोशभरा नन्हा सा वह तन
यादोँका खुल गया पिटारा
मंत्रमुग्ध करता है सारा
भावसुमन वारती
बालभारती बालभारती
*©अँब्रोस चेट्टियार*
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